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Humsafar Shayari With Image in Hindi

जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गये
जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले रास्ता मोड़ गये।



ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती
ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती,
मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती,
कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता
मुझे ही क्यूँ मुहब्बत नहीं मिलती।



रुसवाई ज़िंदगी का मुकद्दर हो गयी
रुसवाई ज़िंदगी का मुकद्दर हो गयी,
मेरे दिल भी पत्थर हो गया,
जिसे रात दिन पाने के ख्वाब देखे,
वो बेवफा किसी और की हमसफर हो गई।



यह भी देखिए:
गगन से भी ऊंचा मेरा प्यार है तुझी पर मिटूंगा ये इकरार है
गगन से भी ऊंचा मेरा प्यार है,
तुझी पर मिटूंगा ये इकरार है,
तू इतना समझ ले मेरे हमसफ़र,
तेरे प्यार से मेरा संसार है।



बिना हमसफर के कब तलक कोई मसाफ़तों में लगा रहे
बिना हमसफर के कब तलक,
कोई मसाफ़तों में लगा रहे,
जहाँ कोई किसी से जुदा न हो,
मुझे उस राह की तलाश है।



मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तेरा क्या भरोसा ए हमसफ़र
मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर,
तेरा क्या भरोसा ए हमसफ़र,
तेरी यु प्यार करने की अदा,
कहीं मेरा दर्द और न बढ़ा दे।



अगर हमसफ़र साथ देने वाला हो
अगर हमसफ़र साथ देने वाला हो,
तो रास्ते कितने भी मुश्किल भरे हो,
ज़िन्दगी का सफर खूबसूरत हो ही जाता है।



यह भी देखिए:
रास्ते अनजाने में ही सही पर हम दोनों को करीब ले आए
रास्ते अनजाने में ही सही पर,
हम दोनों को करीब ले आए,
अब मिट गए हैं फासले हमसफर,
तेरे अंदाज ही कुछ ऐसे रंग लाए।



मेरे हर दर्द का मरहम का सुकून भी तुम ही हो
मेरे हर दर्द का मरहम, का सुकून भी तुम ही हो,
इस क़दर मसरूफ़ रहता हूँ तुम्हारी यादो में,
फुरसतों को भी फुर्सत नही मिलती अब तो,
क्योंकि हमसफर अब भी तुम ही हो।



राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है,
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है।



आज तुझसे नही शायद खुद से ही मेरी रुसवाई है
आज तुझसे नही शायद खुद से ही मेरी रुसवाई है,
तुझसे करके प्यार मैने जिंदगी में पाई सिर्फ तन्हाई है,
दामन छुड़ा के प्यार का मेरे तूने अपनी दुनियां बसाई है,
मैने समझा तुझे हमसफर अपना तू निकला हरजाई है।



शाम आई तो बिछुड़े हुए हमसफ़र आंसुओं से इन आंखों में आने लगे
शाम आई तो बिछुड़े हुए हमसफ़र,
आंसुओं से इन आंखों में आने लगे,
आंखें मंज़र हुई, काम नग़्मा हुए,
घर के अन्दाज़ ही घर से जाते रहे।



वही है डगर वही है सफ़र है नही साथ मेरे मगर
वही है डगर, वही है सफ़र,
है नही साथ मेरे मगर, अब मेरा हमसफ़र,
इधर उधर ढूंढें नजर, वही है डगर,
कहाँ गयी शामें मदभरी, वो मेरे मेरे वो दिन गए किधर।



इतनी अकेली क्यों है ये ज़िंदगी कोई हमसफ़र क्यों नहीं साथ मेरे
इतनी अकेली क्यों है ये ज़िंदगी,
कोई हमसफ़र क्यों नहीं साथ मेरे,
तुम भी दो क़दम साथ चल, छोड़ गए बीच मँझधार,
अब कटेगी ये ज़िंदगी किसके सहारे।



तू हमसफ़र तू हम डगर तू हमराज नजर आता है
तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है,
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है,
कैसी उदास है जिंदगी तेरे बिन हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरा अहसास नजर आता है।